HTML क्या है और कैसे काम करता है ?

HTML क्या है और कैसे काम करता है ?

HTML in Hindi – Introduction

  • Introduction to HTML in Hindi
  • HTML का क्या Use होता है?
  • HTML Full Form in Hindi
  • HTML History in Hindi
  • Versions of HTML in Hindi

Introduction of HTML in hindi

HTML एक MarkUp Language है, जिसे Web Page बनाने के लिए विकसित किया गया है। HTML एक बहुत ही आसान Computer Coding Language है। इसका विकास 90 के दशक में हुआ था। HTML एक Web Page का आधार होती है और Web Page एक Website का आधार होते हैं। HTML  Web Document को बनाने के किए टैग्स का use करती है।

HTML का क्या Use होता है?

HTML का use वेब पेज  बनाने की लिए किया जाता है, इसके लिए आपको  दो चीजों की जरुरत होती है – पहली  एक simple text editor जैसे की Notepad जिसमें Html का code लिखा जाता है और दूसरी  चाहिए एक Browser जैसे Internet Explorer, Google Chrome, Mozilla Firefox etc  जिसमें आपकी website को पहचान मिलती है और जिसे इंटरनेट  यूजर  देख सकते हैं।

HTML छोटे छोटे कोड  की एक series से बना होता है जिसको हम notepad में लिखते हैं, इन छोटे कोड्स  को टैग्स  कहते हैं. HTML टैग्स  Browser को बताता है की उस टैग  के अन्दर लिखे गए elements को website में कैसे और कहाँ show किया जाये।HTML ऐसे बहुत सारे टैग  प्रदान करता है जो graphics, font size और colours के इस्तेमाल से आपके website को एक आकर्षक रूप देता है HTML कोड  को लिख लेने के बाद आपके document को save करना होता है, उसको save करने के लिए html file के नाम के साथ .htm या .html लिखना जरुरी होता है तभी वो आपके html document को आपके browser में show वरना नहीं।

Save कर लेने के बाद आपको अपना html document देखने के लिए browser को खोलना होगा। वो browser आपके html file को read करेगा और आपके सही तरीके से लिखे हुए कोड  को translate कर सही रूप से आपकी  website को दिखायेगा जैसा आपने कोड लिखते समय सोचा होगा।आपका web browser html टैग्स  को website में नहीं दिखता बल्कि आपके document को सही तरह से दिखने के लिए उन टैग्स  का use करता है।

HTML Full Form in Hindi

HTML की Full Form – Hypertext Markup Language होती हैं। जिसमें प्रत्येक word का अलग-अलग अर्थ  होता है। आइए अब प्रत्येक word का अर्थ जानते हैं। और समझते है कि HTML को Markup Language क्यों कहा जाता हैं?

Hypertext

Hypertext के  द्वारा web page को Explore किया जाता है। यह एक simple text ही होता है लेकिन, Hypertext अपने साथ किसी दूसरे  text को जोड़े रखता है जिसे mouse click, touch से या key press के द्वारा सक्रिय किया जाता है। इसकी यही विशेषता इसे simple text से अलग करती है। Hypertext को Hyperlink कहते है क्योंकि HTML के  (< a >) टैग्स  के द्वारा किसी भी text को Hyperlink बनाया जा सकता है। इसके अलावा, images, videos, sound आदि को भी Hyperlink बनाया जा सकता है। इसे  Hypermedia कहते हैं।

Markup

HTML Web Document create करने के लिए HTML टैग्स का use किया जाता है। प्रत्येक HTML टैग  अपने बीच में आने वाले text को किसी प्रकार में परिभाषित करता है इसे ही Markup कहते है। “” एक HTML टैग  है जो अपने बीच आने वाले text को bold करता है। इसे एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं – हम एक शब्द लेते है TutorialPoint जिसे साधारण लिखा गया है जो हमें आम text की तरह ही दिखाई दे रहा है।अब हम इसे HTML के द्वारा Markup करते हैं और Markup मे हम इसे bold करते हैं । जब TutorialPoint  को इन दोनों  चिन्हों के बीच इस तरह TutorialPoint लिखा जायगा तो यह शब्द इस तरह bold “TutorialPoint” दिखाई देगा. अर्थात इसे bold Markup किया गया है ।

Language

HTML एक language है क्योंकि यह Web Document Create करने के लिए code-words का use करती है। जिन्हें टैग्स कहते हैं।और इन टैग्स  को लिखने के लिए HTML का syntax भी होता है। इसलिए यह एक language भी है। नीचे HTML का syntax दर्शाया गया है।

Text

HTML syntax के तीन part  Element, Tags और Text होते हैं। HTML Element HTML टैग  से मिलकर बनता है। एंजेल  ब्रैकेट के बीच जो word लिखा होता है इसे HTML Tag कहते हैं यह two types का होता है first, Opening tag और secondClosing tag. और last part होता है Text जो HTML Tag के बीच लिखा जाता है।

HTML का इतिहास – HTML History in Hindi

आइए अब हम HTML की दुनिया में थोड़ा पीछे चलते हैं और इसकी History के बारे में जानने की कोशिश करते हैं । HTML का विकास 90 के दशक में हुआ था और अभी भी जारी है। क्योंकि HTML एक लगातार विकास करने वाली language है। इसके अब तक कई version आ चुके हैं। HTML Tim Berners Lee के Mind की उपज है।सबसे पहले इन्होने ही HTML का use किया था। वर्तमान समय में HTML के विकास का जिम्मा एक संस्था “World Wide Web Consortium (W3C)” के पास है।  अब जानते हैं HTML के संस्करणों के बारे में।

Versions of HTML in Hindi

HTML इसका First संस्करण है यह संस्करण SGML –Standart Generalized Markup Language का रूप था। इसके द्वारा text को structure किया जा सकता था। इसके लिए कुछ टैग्स  का निर्माण किया गया था और इस संस्करण का कोई नाम नही था इसे सिर्फ HTML कहा गया। लेकिन HTML के अगले संस्करणो के नाम थे इसलिए सुविधा के लिए इस संस्करण को HTML 1.0 भी कहा जाता है। जो HTML टैग्स उस समय उपयोग में लिये जाते थे उनमे से कुछ टैग्स आज भी मौजूद है जो हम HTML पर work करते समय काम में लेते हैं।

HTML 2.0

HTML के First संस्करण के बाद एक group – Internet Engineering Task Force द्वारा HTML के अगले  संस्करण का नामकरण किया गया था। यह HTML 2.0 संस्करण कहलाया जिसे 1995 में प्रकाशित किया गया था। इस संस्करण में कुछ नयी विशेषताएँ add की गयीं जिसमें  Image  टैग  सबसे महत्व्पूर्ण था। लेकिन अभी इंटरनेट  ज्यादा लोकप्रिय नही हुआ था।

HTML 3.0

इस समय तक HTML और इंटरनेट अपनी छाप छोड चुके थे और दोनो लोकप्रिय होने लगे थे। अब पहले से ज्यादा लोग इससे जुड चुके थे। ज्यादा से ज्यादा लोग HTML सीखना चाहते थे और इंटरनेट  से जुडना भी चाहते थे। इसलिए HTML के अधिक उपयोग के कारण इसमे कुछ उलझने आने लगीं थीं। जो Standard इसमें तय किया था लोग उसमें change करने लगे थे। जिससे इसकी एकरूपता ख़त्म होने लगी थी। इसलिए HTML का Next संस्करण तैयार किया गया जो HTML 3.0 था लेकिन इसे कभी भी प्रकाशित नहीं किया गया.।

HTML 3.2

HTML 1.0 के प्रकाशन और HTML 3.0 की सिफारिश तक एक संगठन का उद्भव हो चुका था, जो HTML language के लिए work करने के लिए बना है। इसे World Wide Web Consortium (W3C   के नाम से जाना जाता है। W3C के द्वारा 1997 में HTML 3.0 की सिफारिशों के साथ HTML का Next संस्करण HTML 3.2 का प्रकाशन किया गया। इसमें HTML के दोनों संस्करणों से ज्यादा विशेस्ताएं थीं। HTML 3.2 के द्वारा अब HTML Document को ओर भी  बेहतर तरीके से बनाया जा सकता था। इस संस्करण में कई नये ‘Attribute’ को add किया गया जो Document के structure से ज्यादा उसकी  ‘style’ के लिए थे। लेकिन इस समय तक HTML को पढ़ने वाले अर्थात ‘ Browsers ‘ बहुत slow थे। ये अभी भी HTML 3.2 की सभी विशेषताओं को support नहीं  करते थे।

HTML 4.0

अब इंटरनेट काफी लोकप्रिय हो चुका था। ज्यादा से ज्यादा लोग HTML सीखना चाहते थे और जो पहले से ही इससे जुड़े थे वे HTML को ज्यादा चाहने लगे थे। इसलिए इस गैप को भरने करने के लिए HTML का Next संस्करण HTML 4.0 का प्रकाशन किया गया। अब तक ‘Style Sheet’ भी अपना स्थान बनाने लगी थी। इसलिए इस संस्करण में कुछ और विशेषताएं जैसे; frame, script, stylesheet आदि को add किया गया। और इसे पढने वाले Browsers भी अब कुछ advance हो चुके थे तथा HTML की ज्यादातर विशेषताओं को पढ सकते थे। यह HTML की History में एक बड़ा change था।

HTML 4.01

HTML का Next संस्करण था HTML 4.01 जो HTML 4.0 का revised संस्करण है। इसे W3C के द्वारा 1999 में प्रकाशित किया गया था। आज लगभग सभी Website इसी संस्करण में बनी हुई हैं।

HTML 5

HTML का सबसे latest संस्करण HTML 5 है  इसमें  HTML 4.01 कि विशेषताओं के अलावा XML की  विशेषताओं को भी add किया गया है। यह संस्करण धीरे-धीरे अपनी पहचान बनाता जा रहा है।